Welcome to My Strokes !

Icon

Shanti Gupta Blog…

नटखट दिल और दिमाग की कहानी !

मनुष्य के जीवन का आधार है , उसकी मेहनत और रोज कुछ नया करने की तम्मना ! जीवन की हर सुबह हमारी ज़िन्दगी में नई आशाएँ और अवसर लेकर आती है ! हम में से बहुत से लोग ऐसे है जो इन अवसरों का आलिंगन कर , कामयाबी की उचाईयो को छूते है ! लेकिन मेरी कहानी तो कुछ और ही है !

जब भी मेरी आँखे खुलती है , ऐसा लगता है की कभी सुबह ना आये क्योकि हर सुबह मेरा दिल हमेसा यही कहता है की आज तुम मुझे आराम करने दो ! क्यों रोज तुम मुझे कहते हो ऑफिस जाने के लिए और बहुत सारी चीज़े सोचने के लिए , मैं कुछ भी सोचना नहीं चाहता हूँ और ना ही कुछ करना चाहता हु !

जब भी दिमाग मेरे शारीर को कहता है कि अब तुम उठ जायो और कुछ काम करो , दिल हर बार कहता है बस 5 मिनट रुक जायो ! 5 – 5 मिनट करके हर दिन मेरा बदमाश दिल 40 -50 मिनट तक मुझे रोक कर रखता है !

बहुत देर बाद दिमाग आखिरी बार कहता है कि अब बहुत हो गया आराम और अगर इससे जायदा आराम करोगे तो आज ऑफिस की छुट्टी तब मेरे दिल का मेरे दिमाग पर कोई जोर नहीं चलता और मैं फटाफट उठकर अपना सारा काम करती हूँ ! हर दिन मैं अपना काम करते हुए बस यही सोचती हूँ की आज सन्डे क्यों नहे है ! कितना अच्छा होता की सप्ताह का हर दिन सन्डे होता ! ना होती हमें रोज उठने की जल्दी ना घर के सारे काम करने की जल्दी ! उठते हम जब हमारा दिल करता और आज़ाद होकर अपनी मर्ज़ी से सारे काम करते !

बस रोज ऑफिस पहुँचते ही मुझे दिल नहीं दिमाग की सारी बाते सुननी पड़ती है क्योंकि ऑफिस के सारे काम करने के लिए दिमाग की जरुरत पड़ती है ! ऑफिस के टाइम पर मेरा दिल बिल्कुल अकेला पड़ जाता है और बस इंतज़ार करता है 5 बजने का और जैसे ही 5 बजते है बस मेरा दिल मेरे शारीर पर अपना हुक्म चलता है !

ये है मेरे नटखट दिल और दिमाग की कहानी !

Advertisements

Filed under: Imagination

What is you opinion about this article?

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s